भारत में विवाह प्रक्रिया: आवश्यकताएँ और दिशा-निर्देश

भारत में विवाह प्रक्रिया: आवश्यकताएँ और दिशा-निर्देश

भारत में विवाह करने के लिए विभिन्न कानूनी प्रक्रियाएँ होती हैं, जो आपकी प्राथमिकताओं और परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं। यहाँ एक विस्तृत मार्गदर्शिका है जो आपकी शादी को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त और सुगम बनाने में मदद करेगी।

माता-पिता की सहमति

शादी के लिए किसी भी तीन मुख्य तरीकों में माता-पिता की सहमति आवश्यक नहीं है।

ऑनलाइन विवाह

भारत में ऑनलाइन विवाह का कोई प्रावधान नहीं है। दुल्हन, दूल्हे और गवाहों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है।

विवाह के प्रमुख तरीके

  1. आर्य समाज विवाह
    • पात्रता: दूल्हा और दुल्हन का हिंदू, बौद्ध, सिख, या जैन धर्म का होना आवश्यक है।
    • प्रक्रिया: यह प्रक्रिया एक दिन में पूरी की जा सकती है। आर्य समाज समारोह के बाद, 2-3 घंटे में कोर्ट मैरिज प्रमाणपत्र जारी किया जाता है, जो विवाह का पूर्ण प्रमाण होता है।
    • समय: यह कार्य दिवसों (सोमवार से शुक्रवार) पर उपलब्ध है, सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर।
    • शुल्क: इसमें आर्य समाज शुल्क, कोर्ट शुल्क, और पंडित दक्षिणा शामिल हैं और कोई छिपी हुई लागत नहीं है।
  2. दो-दिवसीय कोर्ट मैरिज दिल्ली में
    • पात्रता: आर्य समाज के समान, लेकिन इसमें दो बार उपस्थित होना होता है।
    • प्रक्रिया:
      • पहला दिन: आर्य समाज समारोह का आयोजन।
      • दूसरा दिन: अगले दिन कोर्ट मैरिज प्रमाणपत्र प्राप्त करें।
    • समय: पंजीकरण सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उपलब्ध है।
    • सावधानी: अगर कोई कहता है कि यह प्रक्रिया एक दिन में पूरी हो सकती है, तो वह अवैध कार्य कर रहा है।
    • शुल्क: इसमें आर्य समाज शुल्क, कोर्ट शुल्क, और पंडित दक्षिणा शामिल हैं और कोई छिपी हुई लागत नहीं है।
  3. विशेष विवाह अधिनियम
    • पात्रता: सभी धर्मों और अंतरधार्मिक जोड़ों के लिए खुला है।
    • प्रक्रिया:
      • दस्तावेज़ तैयारी: आवश्यक दस्तावेज़ों को तैयार करें।
      • पहली उपस्थिति: विवाह के लिए आवेदन करें और रजिस्ट्रार के सामने उपस्थित हों। इस दौरान 30 दिनों का सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाएगा।
      • नोटिस अवधि: अगर 30 दिनों के दौरान कोई आपत्ति नहीं दर्ज होती है, तो विवाह प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
      • दूसरी उपस्थिति: दस्तावेज़ जमा करने के 2-4 दिनों के बाद और 32-34 दिनों बाद अंतिम प्रक्रिया के लिए उपस्थिति आवश्यक है।
    • समय: पूरी प्रक्रिया में लगभग 38-40 दिन लगते हैं।
    • आवश्यकताएँ: या तो दूल्हा या दुल्हन के पास दिल्ली का पता प्रमाण होना चाहिए, और तीन गवाहों की आवश्यकता होती है।

आवश्यक दस्तावेज़

  1. जन्मतिथि प्रमाण: जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, या पासपोर्ट।
  2. पता प्रमाण: मतदाता कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, या सरकारी बैंक पासबुक।
  3. फोटोग्राफ:
    • दूल्हा और दुल्हन के 6-6 पासपोर्ट साइज फोटो।
    • साक्षियों के 2-2 पासपोर्ट साइज फोटो।
  4. गवाह:
    • सामान्य: दो गवाह जिनके पास पैन कार्ड और पता प्रमाण हो।
    • विशेष विवाह अधिनियम: तीन गवाहों की आवश्यकता होती है।
  5. विदेशी नागरिक:
    • हिंदू विवाह अधिनियम (विकल्प 1 और 2) और विशेष विवाह अधिनियम (विकल्प 3) के तहत अतिरिक्त शुल्क के साथ विशेष सहायता उपलब्ध है।
    • दूतावास से एनओसी / एकल स्थिति प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

संपर्क समय

अपनी शादी की निर्धारित तारीख से 4-5 दिन पहले संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करें ताकि सभी तैयारियाँ सही ढंग से की जा सकें।

सारांश

इन दिशा-निर्देशों का पालन करके आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी शादी कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त और सुगम हो। चाहे आप आर्य समाज, दिल्ली में दो-दिवसीय कोर्ट मैरिज, या विशेष विवाह अधिनियम का विकल्प चुनें, कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना महत्वपूर्ण है ताकि भविष्य में किसी भी समस्या से बचा जा सके।

क्या यह जानकारी आपकी विवाह योजना को स्पष्ट और व्यवस्थित नहीं बनाती? यदि आपके पास और सवाल हैं या किसी अन्य विषय पर सहायता चाहिए, तो बेझिझक पूछें!

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